पुलिस अधीक्षक ने सिकरारा थाने का किया आकस्मिक निरीक्षण

 पुलिस अधीक्षक ने सिकरारा थाने का किया आकस्मिक निरीक्षण


अभिलेखों की गहन जांच, अपराध नियंत्रण और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश


सिकरारा,

                जौनपुर के पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह ने गुरुवार दोपहर सिकरारा थाने का आकस्मिक निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक के अचानक थाने पहुंचने से पुलिस कर्मियों में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक सहायक पुलिस अधीक्षक गोल्डी गुप्ता के साथ दोपहर करीब दो बजे थाने पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने थाना कार्यालय में अपराध पंजिका, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, हिस्ट्रीशीटर, भूमि विवाद तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव की समीक्षा की। अभिलेखों के अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखरखाव पर विशेष जोर देते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने थाना परिसर, बैरक, मेस और साइबर हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति की जानकारी ली तथा साइबर टीम को ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप सिंह को निर्देशित किया कि थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों, संगठित गिरोहों और सोशल मीडिया के माध्यम से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण, प्रभावी गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क निगरानी तथा आमजन की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने पर भी बल दिया।

आगामी सावन मास और कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष सतर्कता बरतने, यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था, यातायात प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कोई बड़ी कमी सामने नहीं आई। कुछ छोटी-मोटी खामियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, जवाबदेह एवं जनहितैषी बनाना है।