एमपी-सीईआरटी ने इंटरपोल से जुड़ी वैश्विक डिजिटल फोरेंसिक प्रतियोगिता में जीता उपविजेता का खिताब

 एमपी-सीईआरटी ने इंटरपोल से जुड़ी वैश्विक डिजिटल फोरेंसिक प्रतियोगिता में जीता उपविजेता का खिताब



*आकाश मिश्रा सहारा 24*


भदोही_ 

         जिले के सुरियावां क्षेत्र के हरीपुर गांव निवासी विशाल शुक्ला ने मध्य प्रदेश साइबर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (एमपी-सीईआरटी) के सदस्य के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। एमपी-सीईआरटी ने प्रथम अंतरराष्ट्रीय अन्वेषक (इन्वेस्टिगेटर) शिखर सम्मेलन एवं प्रतियोगिता-2026 में उपविजेता (द्वितीय) स्थान प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता 11वें इंटरपोल डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञ समूह की बैठक के साथ राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू), गांधीनगर (गुजरात) में आयोजित की गई। प्रतियोगिता में 10 से अधिक देशों की टीमों ने भाग लिया। कड़े मुकाबले के बाद एमपी-सीईआरटी ने दूसरा स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय जांच एजेंसी प्रथम स्थान पर रही, जबकि ब्राज़ील की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में अमित पांडे, अभिषेक श्रोति, विशाल शुक्ला, योगेश पंडित तथा ऋषभ चौबे शामिल थे। इस टीम ने प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया प्रतिनिधिमंडल ने एमपी-सीईआरटी के निदेशक एवं आईएएस अधिकारी अंशुमान राज तथा एटीएस अधिकारी एवं एमपी-सीईआरटी के संयुक्त निदेशक वैभव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की विशेषज्ञता और कौशल का परीक्षण साइबर अपराधों की जांच तथा डिजिटल साक्ष्यों से संबंधित काल्पनिक चुनौतियों के माध्यम से किया गया। अधिकारियों के अनुसार एमपी-सीईआरटी का यह प्रदर्शन साइबर जांच, डिजिटल फोरेंसिक और साइबर घटनाओं के प्रति त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है।

अधिकारियों ने बताया कि इस उपलब्धि से मध्य प्रदेश को वैश्विक स्तर पर अग्रणी साइबर जांच इकाइयों में पहचान मिली है। साथ ही डिजिटल फोरेंसिक एवं साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में राज्य की निरंतर बढ़ती विशेषज्ञता भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित हुई है। वहीं, सुरियावां क्षेत्र के हरीपुर गांव निवासी विशाल शुक्ला की इस उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है।